सुनाना चाहता हूँ चुटकुले हमशक्ल को अपने मुझे इक बार ख़ुद को मुस्कुराते देखना है बस
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है
Unknown
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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जो घाव तू ने दिया है अज़ीज़ है हम को जो उस पे बाँध रखा है रुमाल भी प्यारा
Maher painter 'Musavvir'
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है गुहर हाथों में उस के साँस लेकिन रुक गई इक गुहर के वास्ते दूजी गुहर खोनी पड़ी
Maher painter 'Musavvir'
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सभी करिश्में नज़र न आएंँगे आँख से ही मिसाल के तौर पर ख़ुदा को ही देख लो तुम
Maher painter 'Musavvir'
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ज़ोर से बोलूँगा तो शैतान सुन लेगा मुझे और अगर चीखूँ नहीं तो वो सुनेगा किस तरह
Maher painter 'Musavvir'
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कम से कम माँगने वालों को यहाँ कम से कम भी नहीं मिलने वाला
Maher painter 'Musavvir'
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