had-bandi-e-khizan se hisar-e-bahaar tak jaan raqs kar sake to koi fasla nahin
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ये क्या तिलिस्म है क्यूँँ रात भर सिसकता हूँ वो कौन है जो दियों में जला रहा है मुझे
Saqi Faruqi
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दुनिया पे अपने इल्म की परछाइयाँ न डाल ऐ रौशनी-फ़रोश अँधेरा न कर अभी
Saqi Faruqi
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ये ख़ामुशी का ज़हर नसों में उतर न जाए आवाज़ की शिकस्त गवारा न कर अभी
Saqi Faruqi
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मुद्दत हुई इक शख़्स ने दिल तोड़ दिया था इस वास्ते अपनों से मोहब्बत नहीं करते
Saqi Faruqi
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अब घर भी नहीं घर की तमन्ना भी नहीं है मुद्दत हुई सोचा था कि घर जाएँगे इक दिन
Saqi Faruqi
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