hai husul-e-arzu ka raaz tark-e-arzu main ne duniya chhod di to mil gai duniya mujhe
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
More from Seemab Akbarabadi
है हुसूल-ए-आरज़ू का राज़ तर्क-ए-आरज़ू मैं ने दुनिया छोड़ दी तो मिल गई दुनिया मुझे
Seemab Akbarabadi
0 likes
माज़ी-ए-मरहूम की नाकामियों का ज़िक्र छोड़ ज़िन्दगी की फ़ुर्सत-ए-बाक़ी से कोई काम ले
Seemab Akbarabadi
11 likes
दुनिया है ख़्वाब हासिल-ए-दुनिया ख़याल है इंसान ख़्वाब देख रहा है ख़याल में
Seemab Akbarabadi
0 likes
दिल की बिसात क्या थी निगाह-ए-जमाल में इक आईना था टूट गया देख-भाल में
Seemab Akbarabadi
10 likes
अब क्या बताऊँ मैं तिरे मिलने से क्या मिला इरफ़ान-ए-ग़म हुआ मुझे अपना पता मिला
Seemab Akbarabadi
35 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Seemab Akbarabadi.
Similar Moods
More moods that pair well with Seemab Akbarabadi's sher.







