sherKuch Alfaaz

हम किसी को राह में कुछ देर भी तक लें अगर पागलों को जो मिले तो सब के सब पागल मिले

nakul kumar82 Likes

More from nakul kumar

तुम्हें जब वक़्त मिल जाए चले आना कभी मिलने उभर आई हैं कुछ बातें वही सब बात करनी हैं तिरी आँखों में रह कर फिर नए कुछ दिन उगाने हैं तिरी ज़ुल्फ़ों तले वो कुछ पुरानी रात करनी हैं

nakul kumar

1 likes

जी भर गया है अब तो जी भर चाहने वालों से भाग रहा हूँ मैं भी मुझ सेे भागने वालों से

nakul kumar

1 likes

काम से निकले तो फिर ये लोग सब घर जाएँगे घर न जा पाए तो फिर ये राह में मर जाएँगे कुछ भी कर जाने को आतुर इश्क़ में जो हैं अगर कुछ न कर पाए तो फिर ये कुछ न कुछ कर जाएँगे

nakul kumar

4 likes

तन्हा रहता हूँ अक्सर ही हर एक का फिर हो जाता हूँ हो जाता हूँ जैसे दुनिया फिर ख़ुद में ही खो जाता हूँ चुप-चाप पड़ा हूँ कोने में ग़म दर्द जुदाई साथ लिए जब नींद कभी आ जाए तो ख़्वाबों को बिछा सो जाता हूँ

nakul kumar

5 likes

हर बार मुझे हर साँस मिरी इक बात यही समझाती है कुछ काम करो कुछ नाम करो ये उम्र निकलती जाती है मैं कहता हूँ कि समझो तो कोई बात नहीं ऐसी लेकिन इस दुनिया में शोहरत की हवस मुझे अंदर से खा जाती है

nakul kumar

3 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on nakul kumar.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with nakul kumar's sher.