हमारे घर की दीवारों पे 'नासिर' उदासी बाल खोले सो रही है
Related Sher
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
314 likes
हम पे एहसान हैं उदासी के मुस्कुराएँ तो शर्म आती है
Varun Anand
87 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
सभी के साथ दिखना भी मगर सब सेे जुदा रहना भी है उस को उदासी साथ भी रखनी है और तस्वीर में हँसना भी है उस को
Kafeel Rana
61 likes
More from Nasir Kazmi
जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िन्दगी ने भर दिए तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया
Nasir Kazmi
12 likes
बस यूँँ ही दिल को तवक़्क़ो' सी है तुझ से वर्ना जानता हूँ कि मुक़द्दर है मेरा तन्हाई
Nasir Kazmi
7 likes
कौन अच्छा है इस ज़माने में क्यूँँ किसी को बुरा कहे कोई
Nasir Kazmi
17 likes
आरज़ू है कि तू यहाँ आए और फिर उम्र भर न जाए कहीं
Nasir Kazmi
33 likes
आज तो बे-सबब उदास है जी इश्क़ होता तो कोई बात भी थी
Nasir Kazmi
33 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Nasir Kazmi.
Similar Moods
More moods that pair well with Nasir Kazmi's sher.







