हमारे ख़ौफ़ से बाज़ार उछलते हैं जहाँ भर में सिसकने से हमारे कौन सी सरकार गिरती है
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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वो मेरे लम्स से महताब बन चुका होता मगर मिला भी तो जुगनू पकड़ने वालों को
Nomaan Shauque
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किस ने हमारे शहर पे मारी है रौशनी हर इक मकाँ के ज़ख़्म से जारी है रौशनी
Nomaan Shauque
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तुम तो सर्दी की हसीं धूप का चेहरा हो जिसे देखते रहते हैं दीवार से जाते हुए हम
Nomaan Shauque
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आप की सादा-दिली से तंग आ जाता हूँ मैं मेरे दिल में रह चुके हैं इस क़दर हुश्यार लोग
Nomaan Shauque
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हम में जितने राम हैं सब बन-वास पे हैं हम में जितने रावण हैं सब राजा हैं
Nomaan Shauque
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