हमें देख कर लोग सोचा करेंगे कुमारी है कान्हा या कान्हा कुमारी
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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जब भी उस को बोलता हूँ प्यार का इज़हार कर बोलती है सब्र कर तू सब्र कर तू सब्र कर
Kanha Mohit
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सभी को बोझ लगता है मेरा होना ज़माने में अगर मैं बोझ बन जाऊँ मेरे पँखे के ऊपर तो
Kanha Mohit
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मेरे नज़दीक आई बा'द उस के और दो लड़की उदासी और तन्हाई मुझे पागल बना देंगी
Kanha Mohit
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चूम लेना लबों को मिलो गर कभी सब्र का फल मिले मुझ को भी आपसे
Kanha Mohit
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सजदे करो लाखों मगर मालूम है ना इश्क़ है गर मिल गए तो ठीक वरना जानलेवा इश्क़ है संगम के पानी की तरह तुम सेे मेरा दिल मिल गया ये जान कर भी सोचती हो क्या भरोसा इश्क़ है पूछा किसी ने माँ से चुप कब से है तेरा लाडला कहने लगी जिस दिन मुझे इसने कहा था इश्क़ है मन्नत से शायद अपको जन्नत तो मिल भी सकती है पर वो मिलेगा जब उसे एहसास होगा इश्क़ है शिद्दत जुनूँ दीवानगी काफ़ी नहीं हैं इश्क़ में करना पड़ेगा सब्र 'मोहित' मोक्ष पाना इश्क़ है
Kanha Mohit
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