हम को भी हो गई है मोहब्बत किसी से फिर वो इश्क़ आख़िरी भी हमारा नहीं रहा
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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वो मैं था जो उस की हर हाँ में शामिल नइँ था बस इस कारण ही तो मैं उस के क़ाबिल नइँ था उस दिल के दफ़्तर में मिल तो जाता काम मुझे हाँ पास मेरे रिश्वत में देने को दिल नइँ था
Jitendra "jeet"
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ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में
Jitendra "jeet"
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लोग आए खेल खेले चल दिए हम थे तन्हा और तन्हा हो गए
Jitendra "jeet"
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गीत मुक्तक सभी वो भुलाए गए होंठों तक आए पर जो न गाए गए तब से आँखों का नींदों से नाता नहीं जबसे गोदी में सर रख सुलाए गए
Jitendra "jeet"
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हम भटकते रहे हैं यहाँ दर-ब-दर तुम ने आ कर के जीवन सँवारा प्रिये जब मेरे दर्द की इंतिहाँ हो गई मैं ने पन्नों पे तुम को उतारा प्रिये
Jitendra "jeet"
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