हम भटकते रहे हैं यहाँ दर-ब-दर तुम ने आ कर के जीवन सँवारा प्रिये जब मेरे दर्द की इंतिहाँ हो गई मैं ने पन्नों पे तुम को उतारा प्रिये
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में
Jitendra "jeet"
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राह में तेरी मैं कोई बाधा नहीं पर तेरा दिल दुखे ये इरादा नहीं मेरे हिस्से नहीं आएँगी रुक्मिणी मेरे हिस्से में जब कोई राधा नहीं
Jitendra "jeet"
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ये ख़ुदा तू तो ये जानता है कितने तरसे हैं इक शख़्स को हम
Jitendra "jeet"
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तन पर रंग चढ़ाती होली या फिर भंग पिलाती होली होली सारे भेद मिटाए सम रस ढंग बढ़ाती होली
Jitendra "jeet"
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जिस को जाना हाथ छुड़ा कर जाए वो जाने वाले हाथ नहीं पकड़े जाते
Jitendra "jeet"
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