हर दुआ पूरी करे उस की दुआ की जान हम ने ख़ुद की ही कुछ इस तरह ली
Related Sher
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
164 likes
ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
173 likes
More from Rohit Kumar Madhu Vaibhav
ले गया कोई उस का बदन और हम रूह का एक नारा लगाते रहे
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
तुम हमें जिन दिनों रुला गई हो हम नहीं कुछ अधिक ही हँस रहे हैं
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
मिल-मिला के एक लड़की से वो गंगा घाट की सोएँगे फिर चैन से हम नर्मदा की गोद में
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
इक फूल पर कैसे कोई ठहरे होती ही है चंचल तितली रानी
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
कितने शरीर टूटे हैं एक बदन बनाने में
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rohit Kumar Madhu Vaibhav.
Similar Moods
More moods that pair well with Rohit Kumar Madhu Vaibhav's sher.







