हर निशानी को ख़ुद ही मिटाना पड़ा आसुँओ के ही संग मुस्कुराना पड़ा एक लड़की ने जब, बेसहारा किया इक क़लम को सहारा बनाना पड़ा
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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ख़ुश्बू की बरसात नहीं कर पाते हैं हम ख़ुद ही शुरुआत नहीं कर पाते हैं जिस लड़की की बातें करते हैं सब सेे उस लड़की से बात नहीं कर पाते हैं
Gyan Prakash Akul
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तुम हुई हो जो चाहत किसी और की थी हमेशा से मन्नत किसी और की दूर जाना पड़ेगा तुम्हें एक दिन क्योंकि तुम हो अमानत किसी और की
Naimish trivedi
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नैन खारे लिए हम को जीना पड़ा दर्द सारे लिए हम को जीना पड़ा वक़्त के साथ जीना कठिन था मगर बस तुम्हारे लिए हम को जीना पड़ा
Naimish trivedi
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ये आँखें अब ख़्वाब नए क्यूँ देखेंगी इन आँखों में ख़्वाब तुम्हारे ठहरे थे
Naimish trivedi
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चाँद अंबर के सितारे एक टक तुम को निहारे तुम भला चुनती हमें क्यूँ पथ नहीं थे हम तुम्हारे
Naimish trivedi
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हम को कुछ पल समझा तुम ने छोड़ दिया देखो कोई अपना तुम ने छोड़ दिया हमतो बनकर सरल हैं रहते दुनिया में मार्ग कठिन है सोचा तुम ने छोड़ दिया
Naimish trivedi
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