हिस्से में आया हिज्र तो फ़न में उलझ गए ज़ाया'' न कर के वक़्त सुख़न में उलझ गए
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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एक आवाज़ कि जो मुझ को बचा लेती है ज़िन्दगी आख़री लम्हों में मना लेती है जिस पे मरती हो उसे मुड़ के नहीं देखती वो और जिसे मारना हो यार बना लेती है
Ali Zaryoun
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ज़ख़्म भर जाए भी तो क्या हासिल दाग़ सा इक निशान रहता है
Arbab Shaz
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मोहब्बत में मुझे ये लोग रोने भी नहीं देते मेरे आँसू से यारों को बड़ी तकलीफ़ होती है
Arbab Shaz
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इसी वजह से ही रहता हूँ मैं ज़मीं से जुड़ा मुझे पता है कि अंजाम क्या है गिरने के बा'द
Arbab Shaz
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हर मोड़ पे दुनिया में ज़रा चलना सँभल कर शैतान यहाँ घूमते हैं भेस बदल कर
Arbab Shaz
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गुलाब हाथ में देकर मैं ख़ार माँगूँगा कुछ ऐसे ही मेरे हिस्से का प्यार माँगूँगा
Arbab Shaz
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