हम कि जी से उतर गए सबके वो कि दिल में समाए जाते हैं
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
More from Almas Rizvi
दिल सोचता है बस ये फ़राग़त के वक़्त में मिलने के तुझ सेे ख़्वाब जो देखे थे क्या हुए जो इक अदा पे जान लुटा देते थे कभी वो सारे दावेदार मोहब्बत के क्या हुए
Almas Rizvi
3 likes
कोई हिजरत कोई विसाल नहीं ख़्वाब में भी तेरा ख़याल नहीं सी लिए होंठ रब की मर्ज़ी पे मेरे लब पर कोई सवाल नहीं
Almas Rizvi
4 likes
सर उठा सकता नहीं कोई यज़ीदी हश्र तक कर दिया कुछ इतना ख़म बातिल का सर अब्बास ने
Almas Rizvi
6 likes
तुम्हारी दीद की ख़्वाहिश लिए वो बैठे हैं तुम्हारी दीद ही बीमार की शिफ़ा ठहरी
Almas Rizvi
7 likes
कोई बरसती आँखों में तुम को न पढ़ ले दोस्त बरसों इस एहतियात से रोए नहीं हैं हम
Almas Rizvi
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Almas Rizvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Almas Rizvi's sher.







