हम उसे आँखों की दहलीज़ न चढ़ने देते नींद आती न अगर ख़्वाब तुम्हारे ले कर एक दिन उस ने मुझे पाक नज़र से चूमा उम्र भर चलना पड़ा मुझ को सहारे ले कर
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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उसे भी धोका मिलेगा यक़ीन है मुझ को भरोसा वो भी किसी पर तो कर रहा होगा
Aqib Jawed
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सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उस के शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैं
Ahmad Faraz
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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यही तो एक तमन्ना है इस मुसाफ़िर की जो तुम नहीं तो सफ़र में तुम्हारा प्यार चले
Aalok Shrivastav
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अब तो ख़ुद अपने ख़ून ने भी साफ़ कह दिया मैं आप का रहूॅंगा मगर उम्र भर नहीं
Aalok Shrivastav
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घर में झीने रिश्ते मैं ने लाखों बार उधड़ते देखे चुपके चुपके कर देती है जाने कब तुरपाई अम्मा
Aalok Shrivastav
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दिलों की बातें दिलों के अंदर ज़रा सी ज़िद से दबी हुई हैं वो सुनना चाहें, ज़बाँ से सब कुछ मैं करना चाहूँ नज़र से बतियां ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है, ये इश्क़ क्या है सुलगती सांसें, तरसती आँखें, मचलती रूहें, धड़कती छतियां
Aalok Shrivastav
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आ ही गए हैं ख़्वाब तो फिर जाएँगे कहाँ आँखों से आगे उन की कोई रहगुज़र नहीं
Aalok Shrivastav
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