हमारा दिल किसी गहरी जुदाई के भँवर में है मिरी ये आँख फिर है नम कभी मिलने चले आओ
Related Sher
हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
157 likes
किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
162 likes
मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
157 likes
तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
120 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
More from Tarun Bharadwaj
वो तभी पाया गया है पास में जब हमें यूँँ बेख़ुदी होने लगी
Tarun Bharadwaj
0 likes
वो अपने वादे का यूँॅं एहतराम करता है बस एक जुमले में क़िस्सा तमाम करता है
Tarun Bharadwaj
0 likes
ज़िंदगी इस तरह कुछ अपनी बसर होती रही चाह फूलों की थी काँटों पर गुज़र होती रही
Tarun Bharadwaj
0 likes
परिंदे उड़ गए अब सिर्फ़ शाख़ बाक़ी है शरीर जल गए अब सिर्फ़ राख़ बाक़ी है
Tarun Bharadwaj
0 likes
सुनता नहीं ये दिल मेरी कोई भी बात अब मुझ सेे ख़फ़ा हुए हैं ये दिन-और-रात सब कह दे कि तेरी सोच में मैं इक ख़याल हूँ कह दे तू छोड़ती हूँ मैं भी तेरा साथ अब
Tarun Bharadwaj
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Tarun Bharadwaj.
Similar Moods
More moods that pair well with Tarun Bharadwaj's sher.







