हमारी महफ़िलें शेर-ओ-सुख़न की दिलों को जोड़कर आबाद होंगी
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
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इस लिए ये महीना ही शामिल नहीं उम्र की जंत्री में हमारी उस ने इक दिन कहा था कि शादी है इस फरवरी में हमारी
Tehzeeb Hafi
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हमारी ही तमन्ना क्यूँँ करो तुम तुम्हारी ही तमन्ना क्यूँँ करें हम
Jaun Elia
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मैं न सोया रात सारी तुम कहो बिन मेरे कैसे गुज़ारी, तुम कहो हिज्र, आँसू, दर्द, आहें, शा'इरी ये तो बातें थीं हमारी, तुम कहो
Prakhar Kanha
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हालत जो हमारी है तुम्हारी तो नहीं है ऐसा है तो फिर ये कोई यारी तो नहीं है
Ali Zaryoun
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दिल पे सिक्का जमा नहीं पाया इतनी हिम्मत जुटा नहीं पाया मेरी इस आशिक़ी पे लानत है उस को पागल बना नहीं पाया
Shivsagar Sahar
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मछलियाँ आ गई मुहाने पर मिरे हाथों में जाल दे कोई
Shivsagar Sahar
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कभी तो अपनी तरफ़ भी देखो वफ़ा जो हम को सिखा रहे हो
Shivsagar Sahar
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दोस्त मजबूरियाँ नहीं होती आपसे दूरियाँ नहीं होती
Shivsagar Sahar
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बात अधूरी रह जाती अक्सर मेरी तुम कहती हो जल्दी-जल्दी बोलो ना
Shivsagar Sahar
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