हमें इस बात का दुख था तुम्हें किस बात का दुख है तुम्हें उस बात का दुख था हमें जिस बात का दुख है
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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वो इश्क़ में भी रहते हैं जो होश में कहते हैं झूठ उन को मोहब्बत है नहीं
Praveen Bhardwaj
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ये तो ख़ुद की ग़लती थी शिकायत किस को करना है लो तुम ज़िन्दगी रख लो मुझे तो रोज़ मारना है जाने कैसी घड़ी थी वो मिले तुम जिस में आ कर के तब जो ले गए थे तुम अब उसे ता-उम्र भरना है
Praveen Bhardwaj
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ये फूल तेरे बाग़ के बस नाम के ही फूल हैं तुम खिल रहे हो जैसे वैसे कोई भी खिलता नहीं
Praveen Bhardwaj
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किसे रोकें चले जाएँगे हम भी जिसे जाना था वो मर के गया है
Praveen Bhardwaj
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कोई कब समझता है कितनी दूर है मंज़िल कितना दूर हम सेे हम कितना दूर दिल से दिल
Praveen Bhardwaj
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