ये फूल तेरे बाग़ के बस नाम के ही फूल हैं तुम खिल रहे हो जैसे वैसे कोई भी खिलता नहीं
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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वो इश्क़ में भी रहते हैं जो होश में कहते हैं झूठ उन को मोहब्बत है नहीं
Praveen Bhardwaj
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तलवार आदमी की है ये हाथ आदमी के हैं क्यूँ कट रहे हैं आदमी हैवानियत तो देखिए
Praveen Bhardwaj
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किरदार चाहता है की बस ग़म निकाल दें हम भी तो चाहते यही है हम निकाल दें तुम चाहते हो इस में की बस तुम नहीं रहो 'मैं' नइँ बचेगा इस में अगर 'हम' निकाल दें
Praveen Bhardwaj
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किसी भी और दरिया का किनारा हो नहीं सकता हमारे पास होकर वो हमारा हो नहीं सकता
Praveen Bhardwaj
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किसे रोकें चले जाएँगे हम भी जिसे जाना था वो मर के गया है
Praveen Bhardwaj
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