किरदार चाहता है की बस ग़म निकाल दें हम भी तो चाहते यही है हम निकाल दें तुम चाहते हो इस में की बस तुम नहीं रहो 'मैं' नइँ बचेगा इस में अगर 'हम' निकाल दें
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मैं तुम्हें बद्दुआएं देता हूँ ताकि तुम मेरा दर्द जान सको तुम जिसे चाहते हो मर जाए और तुम उस के बा'द ज़िंदा रहो
Afkar Alvi
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तेरे जाने के बा'द बस यादें हर तरफ़ याद-याद बस यादें सोना, चाँदी, जमीन, घर सब कुछ हैं मेरी जायदाद बस यादें
Sandeep Thakur
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निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते
Waseem Barelvi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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वो इश्क़ में भी रहते हैं जो होश में कहते हैं झूठ उन को मोहब्बत है नहीं
Praveen Bhardwaj
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मेरे रहते छू न दे कमबख्त कोई हवा ये आग मेरे बा'द भी जलती रहे
Praveen Bhardwaj
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मेरी जाँ कोई ज़ुल्म न कर ख़ुदा के लिए यहाँ कोई ग़ुरूर नहीं रहता सदा के लिए
Praveen Bhardwaj
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वो लहर कभी हदों से उतर कर नहीं गया जो कभी उतर कर गया मुड़कर नहीं गया
Praveen Bhardwaj
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सबकी अपनी-अपनी मर्ज़ी होती हैं जो यहाँ से अब जैसा चाहें वैसा चुने उस की मर्ज़ी हैं पत्थर को फूल समझे या फिर अपने फूल से बस काँटा चुने
Praveen Bhardwaj
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