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इक लड़का शब्दों का जाल बिछाता है और इक लड़की ख़्वाब पिरोने लगती है

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एक मुझे ख़्वाब देखने के सिवा चाय पीने की गंदी आदत है

Balmohan Pandey

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मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

Jaun Elia

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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या

Ankita Singh

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हम ने सोचा है इस के बारे में, कुछ मुनाफ़ा है इस खसारे में मैं तो ख़्वाबों से तर्क करता था, कुछ न कुछ बात है तुम्हारे में

Vishal Singh Tabish

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ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

Jaun Elia

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