ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह
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ये उस की मोहब्बत है कि रुकता है तेरे पास वरना तेरी दौलत के सिवा क्या है तेरे पास
Zia Mazkoor
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तेरे सिवा भी कई रंग ख़ुश नज़र थे मगर जो तुझ को देख चुका हो वो और क्या देखे
Parveen Shakir
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मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है
Abrar Kashif
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ये प्यार तेरी भूल है क़ुबूल है मैं संग हूँ तू फूल है क़ुबूल है तू रूठेगी तो मैं मनाऊँगा नहीं जो रूल है वो रूल है क़ुबूल है
Varun Anand
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मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
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ख़ूब है इश्क़ का ये पहलू भी मैं भी बर्बाद हो गया तू भी
Jaun Elia
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जो रा'नाई निगाहों के लिए सामान-ए-जल्वा है लिबास-ए-मुफ़्लिसी में कितनी बे-क़ीमत नज़र आती यहाँ तो जाज़बिय्यत भी है दौलत ही की पर्वर्दा ये लड़की फ़ाक़ा-कश होती तो बद-सूरत नज़र आती
Jaun Elia
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जमा हम ने किया है ग़म दिल में इस का अब सूद खाए जाएँगे
Jaun Elia
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ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
Jaun Elia
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रह-गुज़र-ए-ख़याल में दोश-ब-दोश थे जो लोग वक़्त की गर्द-बाद में जाने कहाँ बिखर गए
Jaun Elia
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