तू बुझा कर रख गया था जबसे इस दिल के चराग़ हम ने इस घर में नहीं की रौशनाई आज तक
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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ये जानते हैं ठीक नहीं माँग रहे हैं हम एक खंडहर को मकीं माँग रहे हैं सब माँग रहे हैं ख़ुदा से तेरा जिस्म और हम हैं, कि फ़क़त तेरी जबीं माँग रहे हैं
Siddharth Saaz
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और आसान नहीं हो सकता फ़रियादों को पूरा करना एक ही आस लगा रक्खी है, ख़ुदा सभी बंदों ने तुझ सेे
Siddharth Saaz
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तू तो वाक़िफ़ है रिवाज़-ए-ग़म से इस के इश्क़ तो तेरा भी ये पहला नहीं है
Siddharth Saaz
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तुम सेे बिछड़ के हम को यही लग रहा है अब जैसे मिटा दिया है ख़ुदा ने लिखा हुआ
Siddharth Saaz
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हर तरफ़ उग आए हैं जंगल हमारी हार के जीत का कोई भी रस्ता अब नहीं दिखता हमें
Siddharth Saaz
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