इक मतला इक ताज़ा शे'र सुना लेते हैं बेकारी है तो अब लोग मज़ा लेते हैं शे'र तो क्या तुम यार ग़ज़ल ही चुरा लो मेरी वालिद का जूठा तो बच्चे खा लेते हैं
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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यार पूरा कैसे मेरा प्यार होता प्यार का तो नाम ही पूरा नहीं है
Vijay Potter Singhadiya
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उस के होंटों पे, ग़ज़ल होंटों से कहनी है बस तुम तो दुआ ये करो के मुकम्मल हो जाए
Vijay Potter Singhadiya
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उन से तो दुश्मन ही अच्छे धोखा तो बोल के देते हैं
Vijay Potter Singhadiya
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सब कहते हैं काला अच्छा नइं होता लेकिन तुम ने उस का काजल देखा है
Vijay Potter Singhadiya
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जीत भी मंज़ूर मुझ को हार भी मैं दुखी हूँ और मेरा किरदार भी कब लिखी उस ने ख़ुशी इस रोल में है परेशाँ वो कहानी कार भी
Vijay Potter Singhadiya
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