इस क़दर रंग तेरा चढ़ा था ईद पर खेली थी होली मैं ने
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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तेरा बनता था कि तू दुश्मन हो अपने हाथों से खिलाया था तुझे तेरी गाली से मुझे याद आया कितने तानों से बचाया था तुझे
Ali Zaryoun
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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मशवरा हम भी तो दे सकते थे पर तेरा साथ दे रहे थे हम
Vishal Singh Tabish
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गले तो लगना है उस से कहो अभी लग जाए यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए
Tehzeeb Hafi
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ये रब्त कब मिटे है यूँँ मिटाने से ये आग है जो बढ़ती है बुझाने से
Rohan Hamirpuriya
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सब बाहों में झूल चुकी है वो तुझ को कब का भूल चुकी है वो
Rohan Hamirpuriya
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गर्मी दिल्ली की सह नहीं पाते बात करते हैं साथ रहने की
Rohan Hamirpuriya
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दुनिया ने तस्लीम किया जब फ़न अपना घर पे जमघट रहता है मेहमानों का
Rohan Hamirpuriya
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ज़िन्दगी का सफ़र यूँँ हुआ रायगाँ मरहला ग़म का कोई मिला ही नहीं
Rohan Hamirpuriya
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