इस तरह से तुम्हें मैं ज़िंदगी में लाऊँगा गीत पर गीत लिख के रोज़ तुझ को गाऊँगा एक शाइ'र ने तेरा नाम लिख लिया दिल पे और फिर क्या हसीं ग़ज़ल तुझे सुनाऊँगा
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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शराबों से ख़ुमारी आ रही है नशा तेरा उतरता जा रहा है
anupam shah
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सुलझाऊँ तेरी ज़ुल्फ़ से हाथों की लकीरें ये काम मगर मुझ सेे अकेले नहीं होगा
anupam shah
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ज़रूरी है अगर दीवार होना दरमियाँ अपने तो इस दीवार में तुम एक रौशनदान भी देना
anupam shah
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हज़ारों बार मर मर कर यही इक फ़लसफ़ा जाना कि जब तक ज़िंदगी है तब तलक जीना ज़रूरी है
anupam shah
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आज की शाम ज़रा रात तक ठहर जाए काश ऐसा भी हो ये चांँद भी न घर जाए
anupam shah
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