इस ज़माने के तरीक़ों से सताया तो गया है ग़म ज़ियादा हैं मगर जाँ मुस्कुराया तो गया है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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कौन जाने किस तरह से हादसा ये हो गया ख़ूब रोका दिल को फिर भी प्यार तुझ सेे हो गया
Prashant Sitapuri
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तुम्हें कुछ दे नहीं सकता मगर फिर भी फ़कीरी में निकलती है दुआ मुझ सेे
Prashant Sitapuri
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एक दफ़ा सबने रोक लिया था मुझ को वर्ना तो मेरे हाँथो से दुनिया को आग लगाई जाती
Prashant Sitapuri
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सब को नीचा ही दिखाना है उसे और कर ही क्या सका है आदमी
Prashant Sitapuri
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एक एहसान कीजिए साहब मुझ को हैरान कीजिए साहब आप सरकारी महक में से हैं कुछ परेशान कीजिए साहब
Prashant Sitapuri
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