इश्क़ को ढोता हुआ इक ख़र गया मुझ में अक़्ल कुछ बाक़ी थी आके चर गया मुझ में फ़लसफ़ी अंदाज़ ये है आप की नेमत शा'इरी करता था जो कल मर गया मुझ में
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ज़िक्र होता है तिरा जब भी धड़कता दिल बहुत है भूलना तुझ को सितमगर आज भी मुश्किल बहुत है
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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ख़ुदाया ज़िंदगी में काश ये वक़्फ़ा नहीं होता यहाँ पेशानियों का बोझ तक हल्का नहीं होता गुज़र जाते ये दिन हैं वाक़िआत-ए-रोज़-मर्रा में मगर ये रात का साया कभी धुँदला नहीं होता
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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साथ दिया है किस ने किस का किस की सोहबत कौन चलेगा मेरी ज़िल्लत मेरी ख़िफ़्फ़त ले कर तोहमत कौन चलेगा
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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घूमता है दिल में मेरे एक नम ख़याल किस तरह से खोजते हैं लोग हम ख़याल
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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जिस तरफ़ भी हाथ डाला ग़म निकल आए हो रफ़ू कैसे बदन की दम निकल आए खा रहा था अक्स तेरा जो रहा मुझ में थे नहीं महफूज़ ख़ुद में हम निकल आए
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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