इतनी शोहरत तो मेरी आज भी इस शहर में है एक पत्ता न हिले मेरी इजाज़त के बग़ैर
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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इक रिवायत थी निभानी सो निभा दी मैं ने छोड़ कर जाते हुए ख़ूब दुआ दी मैं ने उस को बस इतना ही कह पाया कि ख़ुश रहना और दिल की दीवार से तस्वीर हटा दी मैं ने
Mukesh Jha
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तेरा बदन तो सलामत रहे मगर दिल को मेरे इन अश्कों की बारिश के बा'द ज़ंग लगे है इंतिक़ाम से मतलब मुझे तो रंग-ए-बहार ये बद-दुआ है मेरी तू ख़िज़ाँ का रंग लगे
Mukesh Jha
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मैं मोहब्बत में नहीं पड़ता मगर अब के बरस आज़माना है मुझे अपना हुनर अब के बरस
Mukesh Jha
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ले रहा था मैं ज़िन्दगी के मज़े फिर वो बोली कि अब मेरी बारी
Mukesh Jha
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वो राधा की तरह है साथ मेरे ख़यालों में वो मेरी रुक्मणी है
Mukesh Jha
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