jaegi gulshan talak us gul ki aamad ki khabar aaegi bulbul mere ghar mein mubarakbaad ko
sherKuch Alfaaz
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मैं ने पूछा था कि इज़हार नहीं हो सकता दिल पुकारा कि ख़बर-दार नहीं हो सकता
Abbas Tabish
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तुम पर इक दिन मरते मरते मर जाना है, दीवाने को कहाँ ख़बर है घर जाना है एक शब्द तुम को अंधेरे का ख़ौफ़ दिला कर, बा'द में ख़ुद भी जान बूझकर डर जाना है
Vishal Singh Tabish
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इतनी जल्दी क्या रहती है मिलने की सूट गुलाबी और दुप्पटा काला है
Tanoj Dadhich
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तुम्हें ये दुनिया कभी फूल तो नहीं देगी मिले हैं काँटे तो काँटों को ही गुलाब करो
Madan Mohan Danish
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