जाने का जो ग़म होता है तेज कभी मद्धम होता है तुम सेे बिछड़ कर जाना हम ने आँख का आँसू नम होता है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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वही मंज़र मुझे हर बार नज़र आता है आँख मूँदूँ तो मुझे यार नज़र आता है ऐसे तो मौत का मेरी कोई क़ातिल ही नहीं वैसे हर शख़्स गुनहगार नज़र आता है
anupam shah
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तुम्हें मैं बस तुम्हारी सम्त रख कर लौट आऊँगा मुझे मालूम है जो दर्द है रस्ता भटकने का
anupam shah
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तस्वीर ऐसी आई है कुछ अस्ल में तेरी उलझन भी है राहत भी है कुछ वस्ल में तेरी तू गर डरेगा आज तो तेरा भला होगा पर जान ले जो डर उठेगा नस्ल में तेरी
anupam shah
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चुप रह कर सुलझा पाओ तो ग़ुस्सा होकर मत दिखलाना परदों से गर काम बने तो दीवारों को मत खिंचवाना
anupam shah
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उस ने वा'दा यही किया मुझ से और फिर भी नहीं मिला मुझ से कैसे दूँगा उसे वही धोखा उस का ज़्यादा है तजरबा मुझ से
anupam shah
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