जब तेरे बच्चे मेरी नज़्म सुनाएंगे तुझ को तब तू समझेगी तू ने क्या खोया था ऐ लड़की
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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खा जाएगा इक दिन मुझे तुझ सेे बिछड़ने का ये डर
Kabir Altamash
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मेरे अब्बू सच कहते थे बेटा इक दिन पछताओगे
Kabir Altamash
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कोई होता तो उस को सब बताते हम हमारी इक कहानी भी सुनाते हम बहुत ही दूर रहती है कोई लड़की यहाँ रहती तो पलकों पे बिठाते हम
Kabir Altamash
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याद नहीं क्या तुम को मेरे रोने पर रोती थी तुम भी क्या अब तुम को मेरे रोने पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता
Kabir Altamash
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मैं तुझे क्या क्या बताऊँ छोड़ने वाली बा'द तेरे मैं कई बरसों तलक रोया
Kabir Altamash
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