जीवन भी मिट्टी का एक खिलौना है इक दिन तो सब को ही रुख़सत होना है आज बिता लो हँसते गाते तुम यारों किस ने जाना कल को क्या-क्या होना है
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मैं ने बस इतना पूछा था क्या देखते हो भला मैं ने ये कब कहा था मुझे देखना छोड़ दो गीली मिट्टी की ख़ुशबू मुझे सोने देती नहीं मेरे बालों में तुम उँगलियाँ फेरना छोड़ दो
Tajdeed Qaiser
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे
Ali Zaryoun
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चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है
Hasrat Mohani
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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शा'इरी ये हुस्न और ये इश्क़ की बातें जनाब इक समय तक ठीक है फिर छोड़ देनी चाहिए
Ravi 'VEER'
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इज़हारों पर पर्दा डालो इश्क़ उतारो सर से अपने वरना इक दिन मरना तुम को जीने से आसान लगेगा
Ravi 'VEER'
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ख़्वाबों को देखने से मिला कुछ नहीं मुझे लेकिन शब-ए-ज़ुल्मत से गिला कुछ नहीं मुझे
Ravi 'VEER'
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ज़मीं पर आप हो तो कौन चाहे बिना मतलब उड़ानें आसमाँ की
Ravi 'VEER'
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आज ही तुझ को भुला दूँ मैं मगर ये याद रख फिर कहीं मिल जाऊँ तो मुड़कर मुझे ना देखना
Ravi 'VEER'
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