जि यूँँगी किस तरह तेरे बिना मत फिक्र कर इस की गुज़रती जिस शहर से हूँ दिवाने छोड़ आती हूँ
Related Sher
किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
203 likes
बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
126 likes
ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
117 likes
तुम ने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे
Umair Najmi
112 likes
किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
141 likes
More from Parul Singh "Noor"
जो सारे ज़ख़्म मेरे भर दिया करता उसी के नाम का ख़ंजर बनाया है
Parul Singh "Noor"
18 likes
हुआ टुकड़े वहम जब ये कहा उस ने तुम्हीं सब कुछ हो लेकिन मेरा इश्क़ नहीं
Parul Singh "Noor"
19 likes
रोज़ ढक लेती थी नीला जिस्म अपना शुक्र है आ गई बाहर घर की बातें
Parul Singh "Noor"
25 likes
वो बोला मुलाक़ात ख़्वाबों में होगी मगर आँख कमबख़्त लगती नहीं है
Parul Singh "Noor"
28 likes
सूख जाता जल्द है फिर भी निशानी के लिए फूल इक छुप के किताबों में छिपाना इश्क़ है
Parul Singh "Noor"
36 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Parul Singh "Noor".
Similar Moods
More moods that pair well with Parul Singh "Noor"'s sher.







