झील में उस को उतरते देख कर मैं ने सोचा जलपरी बन जाएगी कृष्ण बन कर जब उसे सोचूँगा मैं मेरी धड़कन बाँसुरी बन जाएगी
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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चारासाज़ो मिरा इलाज करो आज कुछ दर्द में कमी सी है
Azhar Nawaz
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ख़ूब-सूरत है सिर्फ़ बाहरस ये इमारत भी आदमी सी है
Azhar Nawaz
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माफ़ कर तो दिया है मगर कहो उन सेे वो थोड़ी देर मेरे सामने से हट जाएँ
Azhar Nawaz
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वो भी आख़िर तिरी ता'रीफ़ में ही ख़र्च हुआ मैं ने जो वक़्त निकाला था शिकायत के लिए
Azhar Nawaz
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बनता था दिन तुम्हारा कभी देख कर मुझे तुम वक़्त दे रहे हो घड़ी देख कर मुझे
Azhar Nawaz
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