jine walon se kaho koi tamanna dhunden hum to aasuda-e-manzil hain hamara kya hai
sherKuch Alfaaz
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कितना महफ़ूज़ हूँ मैं कोने में कोई अड़चन नहीं है रोने में मैं ने उस को बचा लिया वरना डूब जाता मुझे डुबोने में
Fahmi Badayuni
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
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मौत वो है जो आए सजदे में ज़िन्दगी वो जो बंदगी हो जाए क्या कहूँ आप कितने प्यारे हैं इतने प्यारे कि प्यार ही हो जाए
Vikram Gaur Vairagi
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