जिस में तुम सब भीग रहे थे बारिश अच्छी बतला कर आँखों के आँसू थे सब वो कोई बरसात नहीं थी
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ये सही है दरमियाँ कुछ भी नहीं अब है हमारे पर मेरी जानिब मुहब्बत को निभाया तो गया है
Prashant Sitapuri
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ये मान लिया मैं ने बदला हूँ बहुत लेकिन ये ठीक है क्या पहले जैसी ही रही हो तुम
Prashant Sitapuri
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अदब ही सीखते हैं हम अदब ही काम आएगा दुआ जब माँ करेगी तो हमारा नाम आएगा ज़माने की कोई दौलत नहीं है माँ से बढ़कर तो संभाले रख यही दौलत यहीं आराम आएगा
Prashant Sitapuri
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पहला सितम शफ़ा की दवा एक शख़्स था दूजा सितम है ये कि दवा कुछ न कर सकी
Prashant Sitapuri
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तन्हाई में महफिल होता हूँ पर भीड़ अकेला कर देती है
Prashant Sitapuri
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