जो मुझ से इश्क़ के क़िस्से सुनाता फिरता था कहीं वो मिलता तो मैं उस को आइना देती
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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उस से बिछड़ के ख़ुद को सँभाला नहीं गया लगता है गिर पड़ी हूँ किसी चलती रेल से
Rehana Qamar
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नहीं है घर में तेरी याद के अलावा कुछ तो किस के सामने चाय बना के रखती हूँ
Rehana Qamar
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मुझ को डोली में बिठा डर के हवाले कर दे मेरी माँ मुझ को मुक़द्दर के हवाले कर दे
Rehana Qamar
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जो कहना चाहती हूँ वो तो कह नहीं पाती ज़बाँ पे तज़्किरे आब-ओ-हवा के रखती हूँ
Rehana Qamar
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