कभी अल्लाह मियाँ पूछेंगे तब उन को बताएँगे किसी को क्यूँ बताएँ हम इबादत क्यूँ नहीं करते
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
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बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
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मिला है अब के इक ऐसा पढ़ा लिखा महबूब जो मेरे दिल के बराबर दिमाग़ रखता है
Farhat Ehsaas
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ऊपर उठती हुई एक गर्म हवा है मिरा दर्द मेरा लहजा कभी फ़रियाद नहीं हो सकता
Farhat Ehsaas
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ये शहर वो है कि कोई ख़ुशी तो क्या देता किसी ने दिल भी दुखाया नहीं बहुत दिन से
Farhat Ehsaas
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तमाम शहर की ख़ातिर चमन से आते हैं हमारे फूल किसी के बदन से आते हैं
Farhat Ehsaas
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ठोकरें खा के सँभलना नहीं आता है मुझे चल मिरे साथ कि चलना नहीं आता है मुझे
Farhat Ehsaas
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