kabhi kabhi to chhalak padti hain yunhi aankhen udas hone ka koi sabab nahin hota
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी जैसी दीवारें हैं वैसा साया है एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था एक तू है जो जेल में खाना लाया है
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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ख़ुदा की उस के गले में अजीब क़ुदरत है वो बोलता है तो इक रौशनी सी होती है
Bashir Badr
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पत्थर के जिगर वालो ग़म में वो रवानी है ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है
Bashir Badr
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सात संदूक़ों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत है बहुत
Bashir Badr
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ये शबनमी लहजा है आहिस्ता ग़ज़ल पढ़ना तितली की कहानी है फूलों की ज़बानी है
Bashir Badr
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दूसरी कोई लड़की ज़िंदगी में आएगी कितनी देर लगती है उस को भूल जाने में
Bashir Badr
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