कहानी भी नहीं है दिल में कोई सो कुछ भी इन दिनों अच्छा नहीं है मैं अब उकता गया हूँ ज़िन्दगी से मेरा जी अब कहीं लगता नहीं है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तेरा पीछा करते करते जाने क्यूँ मैं दुनियादारी से पीछे छूट गया तू ने तो ऐ जान महज़ दिल तोड़ा था तू क्या जाने मैं अंदर तक टूट गया
Ritesh Rajwada
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कहा था क्या और क्या बने हो अजब सा इक मसअला बने हो हमारी मर्ज़ी कहाँ थी शामिल तुम अपने मन से ख़ुदा बने हो
Ritesh Rajwada
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छुआ है तुम ने भी इक रोज़ हम को ये ख़ुशबू देर तक महका करेगी तुम्हारे हाथ सालों तक ये दुनिया हमारे नाम पे चूमा करेगी
Ritesh Rajwada
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वो आँखें चुप थीं लेकिन हँस रही थीं मेरा जी कर रहा था चूम लूँ अब
Ritesh Rajwada
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ज़्यादा मीठा हो तो चींटा लग जाता है सच्चे इश्क़ को अक्सर बट्टा लग जाता है हम ने अपनी जान गंवाई तब जाना भाव मिले तो कुछ भी सट्टा लग जाता है
Ritesh Rajwada
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