kaise manun ki zamane ki khabar rakhti hai gardish-e-waqt to bas mujh pe nazar rakhti hai
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
More from Tahir Faraz
ज़िंदगी तेरे तअक़्क़ुब में हम इतना चलते हैं कि मर जाते हैं
Tahir Faraz
0 likes
तमाम दिन के दुखों का हिसाब करना है मैं चाहता हूँ कोई मेरे आस-पास न हो
Tahir Faraz
0 likes
नज़र बचा के गुज़रते हो तो गुज़र जाओ मैं आइना हूँ मेरी अपनी ज़िम्मेदारी है
Tahir Faraz
0 likes
जम्अ'' करता जो मैं आए हुए संग सर छुपाने के लिए घर होता
Tahir Faraz
0 likes
इस बुलंदी पे बहुत तन्हा हूँ काश मैं सब के बराबर होता
Tahir Faraz
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Tahir Faraz.
Similar Moods
More moods that pair well with Tahir Faraz's sher.







