कल मेरी एक प्यारी सहेली किताब में इक ख़त छुपा रही थी कि तुम याद आ गए
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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जान भी अब दिल पे वारी जाएगी ये बला सर से उतारी जाएगी एक पल तुझ बिन गुज़रना है कठिन ज़िन्दगी कैसे गुज़ारी जाएगी
Anjum Rehbar
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'अंजुम' तुम्हारा शहर जिधर है उसी तरफ़ इक रेल जा रही थी कि तुम याद आ गए
Anjum Rehbar
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तुम को भुला रही थी कि तुम याद आ गए मैं ज़हर खा रही थी कि तुम याद आ गए
Anjum Rehbar
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माँ मुझे देख के नाराज़ न हो जाए कहीं सर पे आँचल नहीं होता है तो डर होता है
Anjum Rehbar
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हम सेे फिर प्यार का इज़हार किया है तुम ने ये तमाशा तो कई बार किया है तुम ने
Anjum Rehbar
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