कौन देता है सदा हम को घने जंगल में तू है या तेरा तसव्वुर है भरे जंगल में कोई मंज़िल है न रास्ता है न साया कोई मैं अकेला ही भटकता हूँ मेरे जंगल में
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
More from Karan Sahar
तसव्वुर ने बनाया एक साया फिर असली धूप से उस ने बचाया तुझे इक ख़्वाब की मानिंद समझा तुझे दिन भर जिया शब भर सजाया
Karan Sahar
1 likes
पहले तो इस हिज्र ने जम कर बारिश की फिर बारिश में मोर नचाया यादों ने
Karan Sahar
1 likes
वो मुझे ले गया गुलों के बीच और कहने लगा कि ऐसा बन
Karan Sahar
1 likes
उस की निगाह-ए-नाज़ में आने के वास्ते मेहनत के साथ-साथ मुक़द्दर भी चाहिए
Karan Sahar
2 likes
आधी रात गुज़रने को है कमरा ख़्वाब से भरने को है
Karan Sahar
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Karan Sahar.
Similar Moods
More moods that pair well with Karan Sahar's sher.







