तसव्वुर ने बनाया एक साया फिर असली धूप से उस ने बचाया तुझे इक ख़्वाब की मानिंद समझा तुझे दिन भर जिया शब भर सजाया
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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पहले तो इस हिज्र ने जम कर बारिश की फिर बारिश में मोर नचाया यादों ने
Karan Sahar
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वो मुझे ले गया गुलों के बीच और कहने लगा कि ऐसा बन
Karan Sahar
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कौन देता है सदा हम को घने जंगल में तू है या तेरा तसव्वुर है भरे जंगल में कोई मंज़िल है न रास्ता है न साया कोई मैं अकेला ही भटकता हूँ मेरे जंगल में
Karan Sahar
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महसूस कर रहा हूँ तेरा शुमार ख़ुद में सो झाँकने लगा हूँ मैं बार-बार ख़ुद में तेरी चमक से रौशन हर रहगुज़ार होगा इतना तो मेरे जुगनू रख ऐतिबार ख़ुद में
Karan Sahar
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आधी रात गुज़रने को है कमरा ख़्वाब से भरने को है
Karan Sahar
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