कौन सा जुर्म ख़ुदा जाने हुआ है साबित मशवरे करता है मुंसिफ़ जो गुनहगार के साथ
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आदमी देश छोड़े तो छोड़े 'अली' दिल में बसता हुआ घर नहीं छोड़ता एक मैं हूँ कि नींदें नहीं आ रही एक तू है कि बिस्तर नहीं छोड़ता
Ali Zaryoun
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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चाय पीते हैं कहीं बैठ के दोनों भाई जा चुकी है ना तो बस छोड़ चल आ जाने दे
Ali Zaryoun
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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जब से सीखा है हुनर शीशागरी का मैं ने बस उसी दिन से ये दुनिया है कि पत्थर हुई है
Saleem Siddiqui
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एक बच्ची से ख़रीदे थे ये गजरे हम ने लौट कर हम किसी मुजरे से नहीं आए हैं
Saleem Siddiqui
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कोई भी आ के हँसा दे हँसी से मतलब है हमें चराग़ नहीं रौशनी से मतलब है
Saleem Siddiqui
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उम्र भर जिस के लिए पेट से बाँधे पत्थर अब वो गिन गिन के खिलाता है निवाले मुझ को
Saleem Siddiqui
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हम को उड़ने के तरीक़े न सिखाओ हम लोग पेड़ से आए हैं पिंजरे से नहीं आए हैं
Saleem Siddiqui
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