एक बच्ची से ख़रीदे थे ये गजरे हम ने लौट कर हम किसी मुजरे से नहीं आए हैं
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है दुख तो कह दो किसी पेड़ से परिंदे से अब आदमी का भरोसा नहीं है प्यारे कोई
Madan Mohan Danish
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हम किसी को राह में कुछ देर भी तक लें अगर पागलों को जो मिले तो सब के सब पागल मिले
nakul kumar
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किसी ने मुफ्त में वो शख़्स पाया जो हर कीमत पे मुझ को चाहिए था
Uzair Hijazi
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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मैं किसी तरह भी समझौता नहीं कर सकता या तो सब कुछ ही मुझे चाहिए या कुछ भी नहीं
Jawwad Sheikh
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जब से सीखा है हुनर शीशागरी का मैं ने बस उसी दिन से ये दुनिया है कि पत्थर हुई है
Saleem Siddiqui
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कौन सा जुर्म ख़ुदा जाने हुआ है साबित मशवरे करता है मुंसिफ़ जो गुनहगार के साथ
Saleem Siddiqui
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कोई भी आ के हँसा दे हँसी से मतलब है हमें चराग़ नहीं रौशनी से मतलब है
Saleem Siddiqui
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हम को उड़ने के तरीक़े न सिखाओ हम लोग पेड़ से आए हैं पिंजरे से नहीं आए हैं
Saleem Siddiqui
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उम्र भर जिस के लिए पेट से बाँधे पत्थर अब वो गिन गिन के खिलाता है निवाले मुझ को
Saleem Siddiqui
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