उम्र भर जिस के लिए पेट से बाँधे पत्थर अब वो गिन गिन के खिलाता है निवाले मुझ को
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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कौन सा जुर्म ख़ुदा जाने हुआ है साबित मशवरे करता है मुंसिफ़ जो गुनहगार के साथ
Saleem Siddiqui
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एक बच्ची से ख़रीदे थे ये गजरे हम ने लौट कर हम किसी मुजरे से नहीं आए हैं
Saleem Siddiqui
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जब से सीखा है हुनर शीशागरी का मैं ने बस उसी दिन से ये दुनिया है कि पत्थर हुई है
Saleem Siddiqui
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हम को उड़ने के तरीक़े न सिखाओ हम लोग पेड़ से आए हैं पिंजरे से नहीं आए हैं
Saleem Siddiqui
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कोई भी आ के हँसा दे हँसी से मतलब है हमें चराग़ नहीं रौशनी से मतलब है
Saleem Siddiqui
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