ख़मोशी से मुसीबत और भी संगीन होती है तड़प ऐ दिल तड़पने से ज़रा तस्कीन होती है
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इतना संगीन पाप कौन करे मेरे दुख पर विलाप कौन करे चेतना मर चुकी है लोगों की पाप पर पश्चाताप कौन करे
Azhar Iqbal
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आज तो दिल के दर्द पर हँस कर दर्द का दिल दुखा दिया मैं ने
Zubair Ali Tabish
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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जैसे मेरी निगाह ने देखा न हो कभी महसूस ये हुआ तुझे हर बार देख कर
Shad Azimabadi
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तमन्नाओं में उलझाया गया हूँ खिलौने दे के बहलाया गया हूँ दिल-ए-मुज़्तर से पूछ ऐ रौनक़-ए-बज़्म मैं ख़ुद आया नहीं लाया गया हूँ
Shad Azimabadi
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ढूँडोगे अगर मुल्कों मुल्कों मिलने के नहीं नायाब हैं हम जो याद न आए भूल के फिर ऐ हम-नफ़सो वो ख़्वाब हैं हम
Shad Azimabadi
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