khatm ho jaega jis din bhi tumhaara intizar ghar ke darwaze pe dastak chikhti rah jaegi
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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ज़िंदगी तेरे तअक़्क़ुब में हम इतना चलते हैं कि मर जाते हैं
Tahir Faraz
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तमाम दिन के दुखों का हिसाब करना है मैं चाहता हूँ कोई मेरे आस-पास न हो
Tahir Faraz
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नज़र बचा के गुज़रते हो तो गुज़र जाओ मैं आइना हूँ मेरी अपनी ज़िम्मेदारी है
Tahir Faraz
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जम्अ'' करता जो मैं आए हुए संग सर छुपाने के लिए घर होता
Tahir Faraz
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वो सर भी काट देता तो होता न कुछ मलाल अफ़्सोस ये है उस ने मेरी बात काट दी
Tahir Faraz
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