खींच कर हाथ छुड़ाया तुम ने इस तरह साथ निभाया तुम ने
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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ख़ुश है तू गर दग़ा में सही ख़ुश रहे मैं भी तो चाहता हूँ यही ख़ुश रहे
Dinesh Sen Shubh
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यहाँ कोई नहीं मरता किसी के दूर जाने से किसी के दूर जाने से यहाँ कोई नहीं मरता
Dinesh Sen Shubh
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वहीं से हार कर लौटा मुसाफ़िर जहाँ से जीत कर जाना भला था
Dinesh Sen Shubh
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तमाम रात निकलनी है याद करने में तमाम दिन हुई थीं कोशिशें भुलाने की
Dinesh Sen Shubh
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हम जहाँ हैं बस वहीं है हद हमारी तुम हमारे हो तो हम तक ही रहोगे
Dinesh Sen Shubh
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